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डीएम के करूणानिधि जी की जीवनी

पूर्व तमिलनाडु के मुख्यमंत्री  करूणानिधि का एक बीमारी के चलते 7/8 /2018 को शाम 6 बजे काबेरी अस्पताल में उनका निधन हो गया उनके बारे में ज्यादा जानने के लिए इसे पूरा पड़े

करूणानिधि का जन्म 3 जून 1924 को ,मुत्तुवेल और अंजुगम के यहाँ भारत के नागपट्टिनम के तिरुक्कुवलइ में दक्षिणमूर्ति के रूप में हुआ था| 50 पहले जुलाई में डीएमके के संस्थापक सी.एन.अन्नादुरई की मौत के बाद डीएमके की कमान करूणानिधि ने अपने हाथ में ले ली| करूणानिधि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और १२ बार विधानसभा के सदस्य रहे चुके है| करूणानिधि ने अपने 60 साल के राजनितिक करियर में अपनी भागीदारी बाले हर चुनाव में अपनी सीट जीतने का रिकॉर्ड बनाया है| करुणानिधि नेता होने के साथ-साथ तमिल सिनेमा जगत के एक नाटककार और पठकथा लेखक है| करुणानिधि के समर्थक उन्हें कलाईनार कहकर बुलाते है| करूणानिधि  1969 में पहली बार और 2003 में आखरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने थे|

करूणानिधि की जीवनी

जन्म                    3 जून 1994 
जन्म स्थान              तिरुक्कवलई भारत 
पत्नी         पद्मावती,दयालु, राजति अम्माल 
संताने                     4 बेटे,2 बेटियां
निवास                  तमिलनाडु भारत 

करूणानिधि का आरम्भिक जीवन

करूणानिधि ने अपने जीवन की शुरुआत तमिल फिल्म उद्योग में एक पठकथा लेखक के रूप में की परन्तु वे अपनी बुद्धि और भाषण के कौशल से बहुत जल्दी राजनेता बन गए| जस्टिस पार्टी के अलगिरीस्वामी के एक भाषण से प्रेरित होकर करूणानिधि ने भी राजनीती में आने का फैसला कर लिया और 14 साल की अवस्था में उन्होंने राजनीती में प्रवेश कर लिया|

 पांच बार बने मुख्यमंत्री

साल से वर्ष तक चुनाव
1969 1971 तमिलनाडु राज्य विधानसभा चुनाव, 1967
1971 1976 तमिलनाडु राज्य विधानसभा चुनाव, 1971
1989 1991 तमिलनाडु राज्य विधानसभा चुनाव, 1989
1996 2001 तमिलनाडु राज्य विधानसभा चुनाव, 1996
2006 वर्तमान तमिलनाडु राज्य विधानसभा चुनाव, 2006

करूणानिधि अपने 60 साल के राजनितिक करियर में  पांच बार मुख्यमंत्री रहे चुके है जब वह 1969 में पहली बार मुक्यमंत्री बने थे तब उस समय जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे| और जब दुबारा बने तब इंदिरागांधी प्रधानमंत्री थी| और तीसरी बार में वो मुख्यमंत्री बने तब उस समय राजीव गाँधी प्रधानमंत्री थे| और चौथी बार सीएम बने तब पीवीसिम्हा राव पीएम थे| और जब करूणानिधि पांचबी बार मुख्यमंत्री बने थे तब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे| करूणानिधि पांच बार मुक्यमंत्री रहे इससे पता लगाया जा सकता है, की करुणानिधि कितने शक्तिशाली नेता है|

विधायिका में पद

साल से वर्ष तक पद
1962 1967 विपक्ष के उप नेता
1967 1969 लोक निर्माण के कैबिनेट मंत्री
1977 1980 विपक्ष नेता
1980 1983 विपक्ष नेता
1984 बाद विधान परिषद के लिए निर्वाचित
विधान सभा के सदस्य विधायक
वर्ष निर्वाचित/पुनर्निर्वाचित स्थान
1957 निर्वाचित कुलितलाई
1962 निर्वाचित तंजावुर
1967 निर्वाचित सैदापेट
1971 पुनर्निर्वाचित सैदापेट
1977 निर्वाचित अन्ना नगर
1980 पुनर्निर्वाचित अन्ना नगर
1989 निर्वाचित हार्बर
1991 पुनर्निर्वाचित हार्बर
1996 निर्वाचित चेपॉक
2001 पुनर्निर्वाचित चेपॉक
2006 पुनर्निर्वाचित चेपॉक

राजनीती सत्ता

करूणानिधि को तिरुचिरापल्ली जिले के कुलीथालाई विधानसभा से 1957 में पहली बार तमिलनाडु विधानसभा के लिए चुना गया| 1969 में अन्नादरई की मौत के बाद उन्हें तमिलनाडु का मुक्यमंत्री बना दिया गया| तमिलनाडु राजनितिक क्षेत्र में अपने लंबे करियर के दौरान वो पार्टी और सरकार में विभिन्न पदों पर रहे चुके है|

करूणानिधि का परिवार

करूणानिधि ने तीन शादियां की है,उनकी पहली पत्नी पद्मावती,दूसरी दयालु,और तीसरी पत्नी रजति है| जिसमे पद्मावती का निधन हो चूका है| करुणानिधि के 4 बेटे और 2 बेटियाँ भी है|

करूणानिधि का साहित्य

करूणानिधि अपने तमिल साहित्य के लिए मशहूर है,उनके योगदान में कविताये,चट्टियां,जीवनी,गाने इत्यादि शामिल है| करुणानिधि नेकई कविताये और निबंध किताबे लिखी है| करूणानिधि ने 20 बर्ष की उम्र में ज्युपिटर्स पिक्चर के लिए पटकथा लिखी थी| करणनिधि ने अपनी पहली फिल्म राजकुमारी की पटकथा लिखकर लोकप्रियता को हासिल किया| उन्होंने लगभग 75 पठकथाये लिखी है|

पुरुस्कार

  • अन्नामलई विश्वविद्यालय ने 1971 में उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मनित किया गया|
  • इन्हे थेनपंदी सिंगम नमक पुस्तक के लिए उन्हें तमिल विश्वविद्यालय,तंजावुर द्वारा राजा राजन पुरुस्कार से सम्मानित किया गया|

करूणानिधि ने भगवान राम को लेकर दिया था व्यान

 M Karunanidhi

करूणानिधि ने भगवान राम पर भी बयान दिया था उन्होंने खा की कुछ लोग कहते है, की 17 लाख साल पहले यहाँ एक व्यक्ति आया था जिसका नाम था राम,उसने बिना छुए राम सेतु का निर्माण कराया था| तो इस पर उन्होंने कहा था की कोण है राम, और किस कॉलेज से उसने स्नातक किया है| इसका किसी के पास कोई प्रमाण है| इस बात को लेकर बहुत बबाल हुआ था,

करूणानिधि  का निधन

करूणानिधि की एक बीमारी के चलते 7/8 2018  को मंगलबार को उनका निधन हो गया,कावेरी अस्पताल में काफी दिनों से करूणानिधि इलाज चल रहा था करुणानिधि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और बुढ़ापे में होने वाली कई बीमारियों से पीड़‍ित थेकरुणानिधि ने मंगलवार की शाम 6 बजकर 10 मिनट पर अपनी अंतिम सांस ली उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और राष्ट्रपति और अन्य राजनेताओ ने उनके निधन पर शोक जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है

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Arvind Kumar

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