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2019 गणतंत्र दिवस पर कविता-Poems on the Republic Day In Hindi

हमारी तरफ से आने बाले गणतंत्र दिवस की सभी लोगो के लिए ढेर भरी शुभकामनाये

अपना देश भारत हर साल 26 जनवरी को अपना गणतंत्र दिवस मनाता है. सभी जानते है की गणतंत्र  सभी के लिए कितना महत्वपूर्ण होता है.यह दिन हम सभी के लिए यह दिन बड़े गर्व का दिन होता है. क्योकि आप सभी जानते ही है की इस दिन हमारा भारत का संविधान लागु हुआ था और इस दिन हम पूरी तरह से आजाद हो गए थे. भारत को आजाद देश बनाने के लिए न जाने कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान दी थी. और इस बार भारत अपना आज हम 70 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं. गणतंत्र दिवस हर भारतवासियों के लिए बहुत मायने रखता है, इसलिए हम इसे बेहद उत्साह के साथ मनाते हैं. और इस शुभ अवसर पर हम आपके लिए आज की अपनी पोस्ट में रिपब्लिक डे पर कविता इन हिंदी पेश कर रहे है. क्योकि गणतंत्र दिवस को आज स्टूडेंट अपने स्कूलों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. और बहुत से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किये जाते है तो ऐसे में आज की पोस्ट छात्रों के लिए बहुत जरूरी है. छात्र इन्हे अपने स्कूल फंक्शन celebration व प्रोग्राम में सुना सकते हैं-

गणतंत्र दिवस पर कविताये-Poems on the Republic Day In Hindi

2019 गणतंत्र दिवस पर कविता

लोकतंत्र है आ गया अब छोड़ो निराशा के विचार को,

बस अधिकार बता न सोचो समझो कर्तव्य के भार को

भुला न पायेगा काल. प्रचंड एकता की आग को

शान से फैलाकर तिरंगा। बढ़ाएंगे देश की शान को

बीत जायेगा वक्त भले,पर मिटा न पायेगा देश के मान को

ऐसी उड़ान भरेंगे दुश्मन भी होगा मजबूर ताली बजाने को

एकता ही संबल है. तोड़े झूठे अभिमान को.

कंधे से कन्धा मिलाकर, मजबूत करे आधार को

इंसानियत ही धर्म है, बस याद रखे, भारत माता के त्याग को

चंद पाखंडी को छोड़कर, प्रेम करे हर एक इंसान को

देश है हम सबका बस समझो कर्तव्य को

नव युग आ गया, अब छोड़ो निराशा के विचार को.

 

नहीं सिर्फ जश्न मनाना ,नहीं सिर्फ झंडे लहराना।

ये काफी नहीं है वतन पर, यादो को भुलाना।

जो कुर्बान हुए उनके लफ्जो को आगे बढ़ाना।

खुदा के लिए नहीं ये ज़िंदगी वतन के लिए लुटाना।

हम लाये है तूफान से कश्ती निकाल के,

इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के.

आज शहीदों ने है हमको, अहले वतन ललकारा।

तोड़ो गुलामी की जंजीरे बरसाओ अंगारा,

हिन्दू मुस्लिम सिख हमारा, भाई भाई प्यारा।

यह है आजादी का झंडा इसे सलाम हमारा।

देखो 26 जनवरी है आयी, गणतंत्र की सौगात है लायी।

अधिकार दिये हैं इसने अनमोल, जीवन में बढ़ सके बिन अवरोध।
हर साल 26 जनवरी को होता है वार्षिक आयोजन,

लाला किले पर होता है जब प्रधानमंत्री का भाषन,
नयी उम्मीद और नये पैगाम से, करते है देश का अभिभादन,

अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट पर अर्पित करते श्रद्धा सुमन,
2 मिनट के मौन धारण से होता शहीदों को शत-शत नमन।

सौगातो की सौगात है, गणतंत्र हमारा महान है,
आकार में विशाल है, हर सवाल का जवाब है,

संविधान इसका संचालक है, हम सब का वो पालक है,
लोकतंत्र जिसकी पहचान है, हम सबकी ये शान है,

गणतंत्र हमारा महान है, गणतंत्र हमारा महान है.

 

आन बान शान हो गुमान माटी का जिसे,
देशभक्ति वाला ही तूफान आज दीजिये !

एक हाथ गीता तो है विनती हमारी माता,
दूजे हाथ हमें कुरान आज दीजिये !

शस्य श्यामला चुनर धानी ओढ़े माटी सदा,
देश के लिए मरूँ अरमान ऐसा दीजिये !

मज़हब जाति भाषा क्षेत्र की दीवार न हो,
मेरी माता ऐसा हिंदुस्तान हमें दीजिये !

जब जब लूँ जनम यही देश ही मिले,
यही माता मुझे वरदान यही दीजिये !

देखो आज 26 जनवरी आई है ,
गणतन्त्रता की सौगात है ये साथ लायी।

अधिकार दिये हैं इसने अनमोल रत्न ,
जीवन में बढ़ सके बिन किसी अवरोध के ।

हर वर्ष 26 जनवरी को होता है वार्षिक आयोजन,
लाला किले पर होता है जब प्रधानमंत्री का भाषण,

नयी उम्मीद और नये पैगाम से,
करते है देश का अभिभादन,

अमर जवान ज्योति,
इंडिया गेट पर अर्पित करते श्रद्धा सुमन,

2 मिनट के मौन धारण से होता है ,
शहीदों को शत-शत नमन।

सौगातो की सौगात है,
गणतंत्र हमारा महान है,

आकार में विशाल है,
हर सवाल का जवाब है,

संविधान इसका संचालक है,
हम सब का वो पालक है,

लोकतंत्र जिसकी पहचान है,
हम सबकी ये शान है,

गणतंत्र हमारा महान है,
गणतंत्र हमारा महान है।

“जय हिन्द जय भारत ”

जब सूरज संग हो जाए अंधियार के, तब दीये का टिमटिमाना जरूरी है|
जब प्यार की बोली लगने लगे बाजार में, तब प्रेमी का प्रेम को बचाना जरूरी है|

जब देश को खतरा हो गद्दारों से, तो गद्दारों को धरती से मिटाना जरूरी है|
जब गुमराह हो रहा हो युवा देश का, तो उसे सही राह दिखाना जरूरी है|

जब हर ओर फैल गई हो निराशा देश में, तो क्रांति का बिगुल बजाना जरूरी है|
जब नारी खुद को असहाय पाए, तो उसे लक्ष्मीबाई बनाना जरूरी है|

जब नेताओं के हाथ में सुरक्षित न रहे देश, तो फिर सुभाष का आना जरूरी है|
जब सीधे तरीकों से देश न बदले, तब विद्रोह जरूरी है

आशा करती हूँ की आपको हमारी आज की पोस्ट 2019 गणतंत्र दिवस पर कविताये-Poems on the Republic Day In Hindi की कविताये पसंद आयी होंगी आपको हमारी पोस्ट 2019 गणतंत्र दिवस पर कविताये-Poems on the Republic Day In Hindi कैसी लगी हमे कमेंट करके जरूर बताये और इसके साथ ही पोस्ट की अपने जानेने बाले स्टूडेंट के लिए जरूर शेयर करे.

 

About the author

jyoti bharti

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम ज्योति भारती है मैंने हिंदी से (M.A) किया है मुझे कॉलेज के दिनों से ही हिंदी लिखने का बहुत शौक है.इसलिए मै किसी भी वेबसाइट के लिए हिंदी में शायरी, और बायोग्राफी के बारे में जानकारी शेयर करती हूँ

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