Biography

पृथ्वी शॉ का जीवन परिचय-prithvi shaw biography in Hindi

Hallo Friends  ऐसे क्रिकेटर के बारे में जानने जा रहे है जिसने अपने खेल से पूरे भारत का ही नहीं बल्कि विदेशी लोगो के भी दिल जीत लिए है. जी है दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है महज 18 साल के महान क्रिकेटर पृथ्वी शॉ की जिन्होंने बहुत ही कम समय में अपने खेल से साडी दुनिया में अपनी आप अलग पहचान बना चुके है.

क्रिकेट जगत में रोजाना न जाने कितने खिलाडी आते रहते है. इन्ही खिलाडियों में से कई खिलाडी अपनी मेहनत और किस्मत के दम पर क्रिकेट दुनिया में एक अलग पहचान बना जाते है. और वही कुछ खिलाडी इस मुकाम को पाने में असफल रहते है. पर आज हम जिनके बारे में जानने जा रहे है. उन्होंने महज 18 साल की उम्र में ही भारतीय टीम की और से खेलते हुए अपने पहले ही टेस्ट में शानदार शतक जड़कर न सिर्फ भारतीय टीम में अपनी जगह बना ली है बल्कि क्रिकेट जगत में अपनी  प्रतिभा से लोहा बनवाया है.

हम आपको बता दे की पृथ्वी शॉ ने डेव्यू टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक बनाने बाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए है. हम आपको ये भी बता दे की पृथ्वी शॉ ने 99 गेंदों पर अपना पहला अन्तराष्ट्रीए शतक पूरा करके अपना  नाम रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज करा लिया आखिर कौन है ये पृथ्वी शॉ इसकी जानकारी हम आज आपको इस लेख में देने जा रहे-

पृथ्वी शॉ का जीवन परिचय व् महत्वपूर्ण जानकारी

prithvi shaw cricketer

पूरा नाम- पृथ्वी शॉ

जन्म स्थान- ठाणे महाराष्ट्र

गृहनगर – विरार, महाराष्ट्र, भारत

पिता – पंकज शॉ
माता– नाम ज्ञात नहीं (मृत्यु)

स्कूल/विद्यालय – A.V.S. विद्यामंदिर, विरार, मुंबई,
रिज़वी स्प्रिंगफील्ड हाई स्कूल, मुंबई,
महाविद्यालय/विश्वविद्यालय  रिज़वी महाविद्यालय कला, विज्ञान और वाणिज्यिक, मुंबई,

धर्म- हिन्दू

जन्म तारीख- 9 नम्बंर  1999

आयु (Age)- 18 साल

पेशा- क्रिकेटर

पृथ्वी शॉ का शुरुआती जीवन- Early life of prathvi Shaw

हम आपको बता दे की इस उभरते हुए खिलाडी का जन्म 9 नबंर 1999 में हुआ था. पृथ्वी के पिता पंकज शॉ एक कपडे के व्यापारी थे. पृथ्वी आज जिस मुकाम पर है उसके पीछे उनके पिता का बहुत सहयोग है. उनके पिता हमेशा से ही पृथ्वी को क्रिकेटर बनाना चाहते थे. और इसीलिए उन्होंने अपना सब कुछ छोड़ कर अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने में लगा दिया। जब पृथ्वी महज ४ साल के थे तभी उनकी माता का देहांत हो गया था.  लेकिन पृथ्वी के पिता पंकज शॉ ने इस घटना के बाद हिम्मत नहीं हारी और वे पृथ्वी की मां-पिता दोनों के रूप में अपने बेटे पृथ्वी की परवरिश में लग गए

महज 3 साल की उम्र से खेलना शुरू किया था क्रिकेट 

आपको शायद ये आश्चर्य लगे की पृथ्वी ने महज 3 साल की उम्र में ही क्रिकेट शुरू कर दिया था मतलव दोस्तों पृथ्वी शॉ ने सिर्फ 3 साल की आयु में ही गेंद और बल्ले से दोस्ती कर ली थी. हम आपको ये भी बता दे की अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए पंकज शॉ ने पृथ्वी के लिए वचपन में 3 साल की उम्र में ही पृथ्वी का विराट एकेडमी में दाखिला करा दिया था. जिसका फायदा आज उन्हें मिल रहा है. आज वो एक बेहतरीन खिलाडी बनकर उभरते नजर आ रहे है.

पृथ्वी का दिलीप ट्रॉफी में दमदार प्रदर्सन

हम आपको बता दे की पृथ्वी शॉ एक सलामी बल्लेबाज है. जिन्होंने दिलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में शतक बनाने का चमत्कार रिकॉर्ड शॉ  ने अपने क्रिकेट करियर में शामिल कर लिया है. आपको बता दे की 2017 में दिलीप ट्रॉफी के लिए India Red के टीम की तरफ से खेलते हुए शॉ ने ये शतक बनाया था. उन्होंने इस मैच में अपना डेव्यू करते हुए 249 गेंदों का सामना करते हुए 18 चौके और 1 छक्के की मदद से 154 रन की पारी खेली थी.

पृथ्वी शॉ को मिली अंडर 19 की कप्तानी 

पृथिवी शॉ की प्रतिभा को देखते हुए भारतीय क्रिकेट प्रबंधन ने उन्हेंअंडर  19की कप्तानी सौप दी गयी. और उन्होंने इसे बड़ी ही जिम्मेदारी से निभाया भी उन्होंने अंडर  19की  कप्तानी करते हुए तीन मैचों में जीत दर्ज की इन्होने अपने पहले मैच में ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाप 94,57 रन की पारी खेली  जिसकी बदौलत इनकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 10 विकेट से जीत अपने नाम कर ली.

आईपीएल में भी नजर आये

इस साल भारत अंडर 19 के टीम से सात खिलाड़ियो  के नाम आईपीएल के लिए होने बलि नीलामी में रखे गए जिसमे पृथ्वी शॉ का नाम भी शामिल था. और पृथ्वी शॉ की प्रतिभा और उनके खेलने के अंदाज के कारण जनवरी 2018 की आईपीएल की नीलामी इ उन्हें दिल्ली  डेयरडेविल्स ने 1.2 करोड़ रुपये में खरीदकर अपने साथ जोड़ा है।

पहले टेस्ट में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले चौथे भारतीय बने पृथ्वी शॉ 

हाली में पृथ्वी शॉ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने डेव्यू टेस्ट मैच में 54 गेंदों पर शतक लगाने बाले चौथे बल्लेबाज बन गए है. हम आपको बता दे की उनकी बल्लेबाजी करने के तरीके से उन्होंने पूरी भारतीय टीम और सब लोगो के दिलो में अपनी जगह बना  ली है. सभी भारतीय लोगो को उम्मीद है की ये महज 18 साल का लड़का आने बाले समय में आसमान की उचाईयो को छुएगा और भारतीय टीम के लिए कुछ अलग करेगा।

सचिन तेंदुलकर से की जाती है पृथ्वी शॉ की तुलना

हम आपको बता दे की पृथ्वी जिस तरह खेलते है. और जिस तरह उन्होंने अपने डेव्यू टेस्ट मैच में बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगया है तब से पृथ्वी की तुलना महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकरऔर सहवाग से की जाने लगी है. लोगो का मानना है की जिस ररह पृथ्वी खेलते है उससे ऐसा लगता है की पृथ्वी दूसरे सचिन तेंदुलकर है.

राहुल द्रविण है शॉ के कोच ( prathvi shaw Coach)

हम आपको ये भी बता दे की पृथ्वी शॉ की भारत के महान बल्लेबाज रहे चुके राहुल द्रविड़ के द्वारा उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है. वहीं पृथ्वी भी अपनी सफलता का श्रेय राहुल द्रविण को देते है। क्योकि राहुल द्रविड़ ने पृथ्वी को बेहतरी खिलाडी बनाने के लिए काफी मेहनत की है और कर भी रहे है.

आशा है की आप को पृथ्वी शॉ के जीवन के बारे हमारे इस लेख में पर्याप्त जानकरी मिल गयी होगी और मुझे उम्मीद है की आप इनके जीवन से कुछ न कुछ जरूर सीखेंगे और बैसे भी दोस्तों हर किसी से कुछ न कुछ जरूर सीखा चाहिए।

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Arvind Kumar

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