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स्वामी विवेकानंद जी के अनमोल विचार Thought of vivekanand in hindi

स्वामी विवेकानन्द वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था. और आज की पोस्ट में हम उनके ही विचारो के बारे में जानने जा रहे है. दोस्तों प्रेरणा के अपार स्रोत स्वामी विवेकानंद की कही एक एक बात हम सबको नयी ऊर्जा से भर देती है. उन्होंने अपने अलप जीवन में पूरे विश्व में  हिंदुत्व की एक अलग छाप छोड़ दी थी.शिकांगो में दिया गया उनका एक भाषण आज भी बहुत लोकप्रिय है.जो की हमे हमारी समृद्धि सांस्कृतिक विरासत का आभाष करता है.स्वामी जी अपने जीवन का एक एक क्षण जन सेवा में लगाते थे.और वो सभी के ऐसा करने के प्रेरित भी करते थे.आइये आज हम इस महापुरुष के अनमोल विचारों को जानते हैं.

स्वामी विवेकानंद जी के अनमोल विचार

स्वामी विवेकानंद जी के अनमोल विचार

किसी की निंदा न करे अगर आप मदद के लिए हाँथ बड़ा सकते है.तो जरूर बढ़ाये और अगर नहीं बड़ा सकते है तो हाँथ जोड़िये और अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये और उन्हें अपने मार्ग पर जाने दीजिये
दुनिया क्या सोचती है उन्हें सोचने दो, आप अपने इरादे में मज़बूत रहो, दुनिया एक दिन तुम्हारे क़दमों में होगी
कभी भी मत सोचिये की आत्मा के लिए कुछ भी असंभव है क्योकि ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है अगर कोई पाप है तो वो यही है ये कहना की तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल है
मनुष्य की कामनाये समुन्द्र की तरह अनंत है अगर एक इच्छा पूरी होती है तो यह समुन्द्र में कोलाहल की तरह अनंत इच्छाए उत्पन्न करती है
कोई तुम्हारी मदद नहीं कर सकता अपनी मदद खुद करो आप ही खुद के सबसे अच्छे मित्र है और सबसे बड़े दुसमन भी
एक विचार करलो और उसे ही अपना जीवन बना लो उसके बारे में सोचो और उसके बारे में सपने देखो उस विचार को जियो अपने मष्तिष्क, माशपेशियों,नशो के हर हिस्से में अपने उस विचार को डूब जाने दो और बाकि विचारो को अलग किनारे पर रख दो यही सफल होने का सबसे अच्छा तरीका है,
आप को अपने भीतर से ही विकास करना होता है। आपको कोई सीखा नहीं सकता, आपको कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। आपको सिखाने वाला और कोई नहीं, सिर्फ आपकी आत्मा ही है
भय ही पतन और पाप का कारण है
किसी दिन जब आपके सामने समस्या न आये तो उस दिन समझ लेना की आप किसी गलत मार्ग पर जा रहे है
कभी मत कहो की नहीं कर सकता हु क्योकि आप अनंत है सभी शक्ति आप के भीतर है आप कुछ भी कर सकते है
वह कायर है जो ये कहता है की यह किश्मत है वह मजबूत है जो खड़ा है और कहता है की मै अपमा भाग्य खुद बनाऊंगा
हमारा कर्तव्य है की हम हर किसी को उसका उच्चतम आदर्श जीने के संघर्ष के लिए प्रोत्साहन करे और उसके साथ ही साथ उस आदर्श को सत्य के जितना निकट हो सके लेन का प्रयास करे
दुनिया क्या सोचती है उन्हें सोचने दो, आप अपने इरादे में मज़बूत रहो, दुनिया एक दिन तुम्हारे क़दमों में होगी
आपको अपने अंदर से बहार की तरफ विकसित होंना पड़ेगा कोई भी आपको यह नहीं सीखा सकता और न ही आपको आध्यात्मिक बना सकता है. आपकी अपनी अंतरात्मा के अलावा आपका कोई भी शिक्षक नहीं है.
डर कमजोरी की सबसे बड़ी निशानी है महान कार्य करने के लिए त्याग करने पड़ते है खुद को कमजोर मान लेना बहुत बड़ा पाप है आत्मा के लिए कुछ भी असंभव नहीं है
जिस पल आपको यह पता चल जायेगा की इस्वर आपके भीतर है उस पल के बाद आपको प्रत्येक व्यक्ति की क्षवि में ईस्वर नजर आने लगेंगे
जीवन में एक समय ऐसा जरूर आता है जब मनुष्य को लगता है की दूसरे मनुष्य की सेवा करना लाखो जप तप के बराबर है.
दिन में कम से कम एक बार खुद से जरूर बात करे अन्यथा आप एक उत्कृष्ट व्यक्ति के साथ एक बैठक गवा देंगे
आप को अपने भीतर से ही विकास करना होता है। आपको कोई सीखा नहीं सकता, आपको कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। आपको सिखाने वाला और कोई नहीं, सिर्फ आपकी आत्मा ही है
कोई तुम्हारी मदद नहीं कर सकता अपनी मदद खुद करो आप ही खुद के सबसे अच्छे मित्र है और सबसे बड़े दुसमन भी
जो सत्य है, उसे साहसपूर्वक निर्भीक होकर लोगो से कहो – उससे लोगो को कष्ट होता है या नहीं, इस ओर ध्यान मत दो। दुर्बलता को कभी प्रश्रय मत दो। सत्य की ज्योति बुद्धिमान मनुष्यो के लिए यदि अत्यधिक मात्र में प्रखर प्रतीत होती है, और उन्हें बहा ले जाती है, तो ले जाने दो – वे जितना शीघ्र बह जाए उतना अच्छा ही है
उठो मेरे शेरो इस भ्रम को मिटा दो की तुम निर्मल हो तुम एक अमर आत्मा हो स्वछंद जीव हो धन्य हो, सनातन हो , तुम तत्व नहीं हो , ना ही शरीर हो , तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो।
किसी की निंदा न करे अगर आप मदद के लिए हाँथ बड़ा सकते है.तो जरूर बढ़ाये और अगर नहीं बड़ा सकते है तो हाँथ जोड़िये और अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये और उन्हें अपने मार्ग पर जाने दीजिये
मनुष्य की कामनाये समुन्द्र की तरह अनंत है अगर एक इच्छा पूरी होती है तो यह समुन्द्र में कोलाहल की तरह अनंत इच्छाए उत्पन्न करती है
उम्मीद करती हु की आपको हमारी आज की पोस्ट में विवेकांनद जी के अनमोल वचन पसंद आये होंगे आपको हमारी आज की पोस्ट कैसी लगी हमे कमेंट करके जरूर बताये

About the author

jyoti bharti

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम ज्योति भारती है मैंने हिंदी से (M.A) किया है मुझे कॉलेज के दिनों से ही हिंदी लिखने का बहुत शौक है.इसलिए मै किसी भी वेबसाइट के लिए हिंदी में शायरी, और बायोग्राफी के बारे में जानकारी शेयर करती हूँ

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